जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

जानिए क्या है कोरोनावायरस, लक्षण और बचाव

  24 घंटे मे 9,765 नए कोरोना केस, 477 मौते और 50,000 रिकवरी केस दर्ज हुआ

भारत मे कोरोना के मामले मे पहले से ज्यादा कमी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के बुलेटिन के अनुसार, भारत ने गुरुवार को 50,000 नए कोविड मामले और 477 मौतों की सूचना दी, जिससे यह दो महीनों में सबसे ज्यादा दैनिक मामले दर्ज किए गए।भारत में दैनिक सकारात्मकता दर (1% फीसदी) पिछले 36 दिनों से 3 फीसदी से कम रही है।पिछले 69 दिनों के लिए साप्ताहिक सकारात्मकता दर (2.62 फीसदी) 3 फीसदी से कम है। मौत के आकड़े फिर 500 से ज्यादा दर्ज हुआ। मृत्यु दर 1.33 फीसदी है और रिकवरी रेट 97.48 फीसदी है।  ऐक्टिव केस बीते दिन के तुलना मे आज घटे गए है, यानी ऐक्टिव केस 1.19 फीसदी है। पिछ्ले 24 घन्टे मे ऐक्टिव केस 3,89,583 तक की कमी आयी है। केरल में 19,622 कोरोना मामले और 132 मौतें हुईं, जबकि महाराष्ट्र में 3,741 नए संक्रमण दर्ज हुए। हाल ही मे, वैज्ञानिकों ने दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के दूसरे वेरिएंट की पहचान की है। लेटेस्ट रिपोर्टों में कहा गया है कि नोवेल कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन - C.1.2 - बहुत आसानी से वैक्सीन-प्रेरित प्रतिरक्षा को तोड़ सकता है। फिलहाल इंग्लैंड, स्विटजरलैंड, पुर्तगाल, कांगो, न्यूजीलैंड और मॉरीशस में कोरोना वायरस के इस स्ट्रेन का पता चला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वह "म्यू" नामक एक नए कोरोनावायरस वेरिएंट की निगरानी कर रहे है, जिसे पहली बार जनवरी में कोलंबिया में पहचाना गया था। म्यू, जिसे वैज्ञानिक रूप से बी.1.621 के रूप में जाना जाता है, को "वेरियेंट ऑफ़ इंटरेस्ट" कहा गया है, ग्लोबल हेल्थ बॉडी ने मंगलवार को अपने साप्ताहिक महामारी बुलेटिन में कहा।

आईसीएमआर के मुताबिक, अब तक कुल कोविड-19 के लिए 3,46,06,541 नमूनों की जांच हो चुकी है। इनमें से 1 सितम्बर 2021 को 16,84,441 नमूनों का जांच किया गया।




कोरोना हाइलाईटस -


2 December 2021 :


1. भारत में पाए गए 2 ओमाइक्रोन मामले, सरकार का कहना है


2. भारत में ओमाइक्रोन प्रकार के दो सीओवीआईडी ​​​​-19 मामलों का पता चला है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, देश की सीमाओं के भीतर कोरोनावायरस तनाव की पहली पुष्टि में जिसने वैश्विक अलार्म ट्रिगर किया है।


3. कर्नाटक में दोनों मामले सामने आए हैं, जिसमें मरीजों की उम्र 66 और 46 साल के दो पुरुष हैं, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने एक समाचार ब्रीफिंग में कहा, उनकी गोपनीयता की रक्षा के लिए उनकी पहचान का खुलासा नहीं किया जाएगा।


4. उन्होंने कहा कि दोनों मरीजों के संपर्क में आने वाले सभी लोगों का पता लगा लिया गया है और उनका परीक्षण किया जा रहा है।


5. ओमाइक्रोन का पता लगाने से घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन जागरूकता नितांत आवश्यक है। Coivd-उपयुक्त व्यवहार का पालन करें, सभाओं से बचें," श्री अग्रवाल ने कहा।


वैक्सीन अपडेट

24 घंटे मे कुल खुराक दिए गए – 81,09,244

भारत मे अब तक कुल वैक्सीन के खुराक – 66,30,37,334

  • गूगल सर्च से भी अब बुक कर सकेगें टीके के लिए स्लॉट - गूगल पर 'कोविड वैक्सीन नियर मी' सर्च करे, और स्लॉट की उप्लब्धता देखे, फिर 'बुक माय अपोइंटमेंट' फिचर का उपयोग करते हुए टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक करिये। अग्रेज़ी के अलावा आठ अन्य भाषाओं मे आप सर्च कर सकेगें।
  • गंभीर बीमारी को कम करने, और अस्पताल में भर्ती करने में प्रभावी कोविड -19 टीके: लैंसेट अध्ययन
  • भारत ने शुक्रवार को जायडस कैडिला की तीन-खुराक वाली कोविड-19 वैक्सीन को 12 साल से अधिक उम्र के ऐडल्ट और बच्चों में उपयोग के लिए इमरजेंसी यूज औथोरायजेसन को मंजूरी दे दी, जिससे यह संभावित रूप से भारत में किशोर आबादी को दी जाने वाली पहली वैक्सीन बन गई।
  • ज़ाइडस का सालाना 'जाइकोव-डी' की 100 मिलियन-120 मिलियन खुराक बनाने की योजना है।

  • जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में 12-17 समूह पर वैक्स ट्रायल के लिए अनुमति मांगी:

जॉनसन एंड जॉनसन (जेएंडजे) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारतीय दवा नियामक को 12-17 वर्ष की आयु के किशोरों में अपने कोविड -19 वैक्सीन का अध्ययन करने के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया है।

  • ऑक्सफोर्ड ने कोविशील्ड नेजल वैक्सीन के लिए मानव परीक्षण शुरू किया:

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने जांच के लिए 54 स्वस्थ ऐडल्ट पर चरण 1 क्लीनिकल ​​परीक्षण शुरू कर दिया है।

  • मॉडर्ना वैक्सीन ने अमेरिकी कर्मचारियों के लिए कोविड -19 टीकाकरण अनिवार्य किया।

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की निदेशक प्रिया अब्राहम ने कहा कि सितंबर तक बच्चों के लिए टीके उपलब्ध हो सकते हैं और 2 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण के लिए परीक्षण चल रहे हैं।

  • सीडीसी ने बुधवार को तीन अध्ययन जारी किए कि संघीय अधिकारियों ने कहा कि इस बात का सबूत दिया गया है कि आने वाले महीनों में फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्न कोरोनावायरस टीकों के बूस्टर शॉट्स की ज़रूरत होगी।

  • स्वास्थ्य मंत्रालय के पास उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि अगस्त में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड की 15 करोड़ खुराक उपलब्ध कराने की उम्मीद है, जबकि कोवैक्सिन की 3 करोड़ खुराक की उम्मीद है। इसके अलावा स्पुतनिक की 1 करोड़ से अधिक खुराक की भी उम्मीद है।

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर जानकारी दी की, अमेरिकी फार्मास्युटिकल जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन को भारत में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिल गई है।

  • जॉनसन एंड जॉनसन के भारत के प्रवक्ता ने कहा- हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि 7 अगस्त 2021 को, भारत सरकार ने भारत में जॉनसन एंड जॉनसन एकल-खुराक वैक्सीन के लिए इमरजेंसी यूज़ औथोराइजेसन (ईयूए) जारी किया, ताकि 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में कोरोना को रोका जा सके। 

  • अध्ययनों से पता चला है कि जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन मध्यम से गंभीर बीमारी के मामलों को रोकने में 66 प्रतिशत और कोरोना के गंभीर मामलों के खिलाफ 85 प्रतिशत प्रभावी है।

  • जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत सरकार को अपनी एकल-खुराक कोविड -19 वैक्सीन के इमरजेंसी यूज़ औथोराइजेसन (ईयूए) के लिए आवेदन किया है।

  • अगस्त-दिसंबर के दौरान भारत के टीकाकरण अभियान का नेतृत्व करने के लिए 136 करोड़ कोविशील्ड, कोवैक्सिन खुराक उपस्थित होंगे।

  • ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की एक खुराक की प्रभावकारिता 60 वर्ष से ज्यादा आयु के लोगों के लिए 16 सप्ताह में गिर गई, जबकि 93 प्रतिशत युवा आबादी मे इसी अवधि के दौरान बहुत अच्छी प्रतिक्रियाएं देखी गई, यह विश्वविद्यालय के शोध से पता चला है।

  • बायोलॉजिकल ई की कोरोना वैक्सीन 'कॉर्बेवैक्स' सितंबर के अंत तक लॉन्च होने की उम्मीद है, एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया।

  • एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने बताया कि भारत बायोटेक के कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन का बच्चों पर परीक्षण चल रहा है और सितंबर तक परिणाम जारी होने की उम्मीद है।

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि भारत डीएनए आधारित कोविड -19 वैक्सीन विकसित करने वाला पहला देश होगा, जबकि अन्य निर्माता लगातार उत्पादन में तेजी ला रहे हैं।

यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि हमारे वैज्ञानिक डीएनए वैक्सीन विकसित करने वाले पहले व्यक्ति होंगे, ”मंत्री ने 'जाइडस कैडिला' का जिक्र करते हुए कहा, जिसने अपने डीएनए वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए आवेदन किया है।

  • डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह, क्षेत्रीय निदेशक, WHO दक्षिण-पूर्व एशिया ने कहा, WHO के कोरोना वैक्सीन ग्लोबल एक्सेस (COVAX) कार्यक्रम के माध्यम से भारत को मॉडर्न वैक्सीन की 7.5 मिलियन खुराक की पेशकश की गई है।

  • केंद्र ने इस साल अगस्त से दिसंबर के बीच कोविशिल्ड और कोवैक्सीन टीके को 205 और 215 रुपय प्रती खुराक की संशोधित दर से 66 करोड़ से अधिक खुराकें का ऑर्डर दिया है।

  • सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और रूस डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) ने मंगलवार को सितंबर से भारत में स्पुतनिक वी कोरोनावायरस वैक्सीन का उत्पादन शुरू करने की योजना की घोषणा की।

    कैसे करें घर पर कोविड 19 के इलाज की तैयारी ?

    कोविड-19 के लक्षण-

    कोविड के शुरुआती लक्षण है -

    • हल्का बुखार

    • सर दर्द

    • सर्दी

    • खांसी

    कोविड के गम्भीर लक्षण है - 

    • सांस लेने मे दिक्कत या सांस फलना

    • ओक्सिजन का कम होना 

    • स्वाद ना आना

    • सीने मे दर्द होना

    • कमजोरी महसूस होना

    कम दिखने वाले लक्षण/नए लक्षण -

    • आंखो का लाल या गुलाबी होना

    • सुनने मे परेशानी

    • जीभ पर जलन / कोविड टंग 

    • पेट या आंत मे परेशानी होना

    कोविड का गम्भीर कोम्प्लिकेसन -

    बाल झड़ने की समस्या 

    कोरोना से ठीक हुए लोगो मे बाल झड़ने की समस्या सामने आयी है। डॉक्टर के मुताबिक, 100 मे से 25 मरीजो मे यह समस्या हो रही है। बाल झड़ने की परेशानी मध्यम या गंभीर मरीजो मे पायी जा रही है।

    डॉक्टर के अनुसार बायोटिन विटामिन कम होने के कारण यह हो रहा है। यह समस्या के कारण छतीसगढ के सरकारी एवं निजी अस्पतालों मरीज आ रहे और रायपुर मे ऐसे केस सामने आए है।

    कमर और पैर दर्द

    कोरोना से ठीक हुए लोगो मे कई साइड इफेक्ट देखे जा रहे, जिसमे सबसे आम कमर दर्द और पैरों मे खिचाव है।  डॉक्टर ऐसे मरीजो को विटामिन डी और सी खाने की सलाह दे रहे।


    टयूबरकुलोसिस (टी .बी)

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शनिवार को सभी कोरोना सकारात्मक मरीजो के लिए टी.बी जांच और सभी टीबी मरीजो के लिए कोरोना जांच की सिफारिश की।कोरोना किसी भी संक्रमित व्यक्ति को टयूबरकुलोसिस के लिए सवेदंशील बना सकता है, हालांकि अभी इसका कोई पक्का सबूत नही है की ये वायरल बिमारी से फैलता है।

    एवस्कुलर नेक्रोसिस

    एवस्कुलर नेक्रोसिस, या हड्डी के टीसु की मृत्यु, दो महीने पहले म्यूकोर्मिकोसिस या ब्लैक फन्गस के प्रकोप के बाद अब पोस्ट कोविड रोगियों में अगली दुर्बल करने वाली स्थिति हो सकती है।अब तक इसके 3 मरीज मुंबई मे मिल चुके है और डॉक्टर को डर है की ब्लैक फन्गस के तरह इसका भी आउटब्रेक ना हो। ये भी स्टेरॉईड का साइड इफेक्ट के कारण हो रहा है।

    रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम

    रेस्पाईरेटरी प्रॉब्लम ज्यादतर कोविड मरीज को हो रही है जिसमे ठीक से सांस ना आना, सीने मे दर्द रहना शामिल है।कोरोना का सबसे ज्यादा प्रभाव रेस्पाईरेटरी पार्ट पर ही पड़ता है, जिसके कारण कई परेशानी भी हो रही है जैसे ऐक्यूट रेस्पाईरेटरी फेलियर, ऐक्यूट कर्डिक इन्जूरी, इत्यादी।

    फ्लारेसीस

    फ्लारेसीस भी कोरोना का कोम्प्लिकेसन है जिसमे पैर काफी हद तक फुल जाते है।इसे हाथी पैर भी कहते है। इसमे चलने मे परेशानी होता है क्योंकि पैर भारी हो जाता है।

    ब्लैक फंगस

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा, देश में अब तक म्यूकोर्मिकोसिस या 'ब्लैक फंगस' के 45,374 मामले सामने आए हैं। जबकि देशभर में इस बीमारी से अब तक 4,332 मरीजों की मौत हो चुकी है।

    ब्लैक फंगस को विज्ञान भाषा में म्यूकोरमीकोसिस कहते है, इस बीमारी से मरीज़ो की तकलीफे बढ़ गयी थी। ये स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट के करण हो रहा है। हालाकि अब तो इसके केस देश मे काफी हद तक कम हो गए है।ये फंगस मिटटी, खाद, सड़े फल या सब्जियों में पनपता है जो की हवा और इंसान के बलगम में भी पाया जा सकता है।

    ये नाक से, मिटटी के संपर्क या खून के ज़रिये शरीर में दाखिल हो सकता है और त्वचा, दिमाग, और फेफड़ो को निशाना बना सकता है , इसमें मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक हो सकती है। इसके इलाज में मरीज़ो के आँख तक निकलने की नवबत आ सकती है। 


    ICMR ने सुझाव दिया है की जिन कोविद पेशेंट को डायबिटीज है और जिन्होंने स्टेरॉयड के ओवरडोज़ लिए है वो अपना खास ख्याल रखे और किसी भी तरह की परेशानी पर डॉक्टर से संपर्क करे. 

    ब्लैक फंगस को ठीक करने वाली दवा लिपोसोमल अम्फोटेरिसिन बी, जो की एंटीफंगल ड्रग है। इसके आलावा येलो फंगस, एस्परगिलोसिस फंगस, और वाइट फंगस भी स्टेरॉइड का साइड इफेक्ट है, जो दो से तीन महिने पहले काफी ऐक्टिव था।

    अब राहत की बात है इन फंगस के मामले काफी हद तक कण्ट्रोल मे आ गए है। कोरोना के खतरे के बावजूद देश मे अभी भी लापरवाही की कई तस्वीर सामने आ रही जिसमे लोग न मास्क पहने नजर आ रहे और न ही सोशल डिस्टन्स का पालन कर रहे, एक्सपर्ट और डॉक्टर का कहना है की अगर ऐसा ही रहा तो तीसरी लहर का सामना जल्द करना पड़ेगा ।


    रेफरेंस लिंक -

    1. https://bit.ly/2VJHgeH

    2. https://bit.ly/3xH6Vlo

    3. https://bit.ly/2XfTyMx




    कैसे करें घर पर कोविड 19 के इलाज की तैयारी ?

    coronavirus